हिन्दवः सोदराः सर्वे, न हिंदुः पतितो भवेत्।
मम दीक्षा धर्म रक्षा, मम मन्त्रः समानता॥
अर्थात् - सब हिन्दू भारत माँ की सन्तान होने से सहोदर हैं, भाई हैं। इसलिए कोई हिन्दू अछूत नहीं हो सकता। हमने ‘समानता’ का मन्त्र लेकर “धर्म-रक्षा” की दीक्षा ली है।
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धर्म रक्षा संघ
आइए, धर्म रक्षा के इस महायज्ञ में सहभागी बनें।
सेवा ही साधना है, समर्पण ही पूजा है।